Rani Sati Dadi Mangal Path | श्री राणी सती दादी मंगल पाठ

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Rani Sati Dadi Mangal Path known as Shri Narayani Charitra Manas – A complete Rani Sati Dadi (Narayani devi) MangalPath. Rani Is Also Referred As Narayani Devi And Dadiji. Rani Sati Committed Sati On Her Husband’s Death. Rani Sati Was A Rajasthani Women Lived Sometime Between 13th And 17th Century. There are numerous temples that are dedicated to Rani Sati Dadi Ji. These include Rani Sati Dadi ji temple in Jhunjhunu, Narayani Sati temple in Alwar, Dholan Sati temple in Raipur and Rani Bhatiyani temple in Jasol.

श्री राणी सती दादी मंगल मनका १०८

जय अम्बे जय दुर्गे मात , जय नारायणी जय तनधन दास !!
जय दादी जय शक्ति नाम , पतित पावन दादी नाम !!

मनका

दीन हीन का दुख हरने को ! जन गण मंगल करने को !!
शक्ति प्रकटी झुन्झुन धाम ! पतित पावन दादी नाम !! (१)

यह शक्ति है माँ जगदम्बा ! यही भवानी दुर्गे अम्बा !!
नारायणी है इसका नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (२)

पीढी दर पीढी का रिश्ता ! तब ही दादी नाम है इसका !!
कुलदेवी को करो प्रणाम ! पतित पावन दादी नाम !! (३)

है अमोध दादी की शक्ति ! सदियों से करते सब भक्ति !!
पूजते है त्रिशूल निशान ! पतित पावन दादी नाम !! (४)

माँ शक्ति का अलख जगाऊँ ! दादी माँ की बात बताऊँ !!
है स्वयं शक्ति दुर्गा महान ! पतित पावन दादी नाम !! (५)

जानत है सबही नर नारी ! युद्घ हुआ महाभारत भारी !!
था वोः धर्म कर्म संग्राम ! पतित पावन दादी नाम !! (६)

कौरव, पाण्डव हुई लडाई ! लीला प्रभु ने अजब दिखाई !!
बने सारथी स्वयं भगवान ! पतित पावन दादी नाम !! (७)

गीता में उपदेश दिया है ! जग को यह संदेश दिया है !!
कर्म करो, तज फल का ध्यान ! पतित पावन दादी नाम !! (८)

जब जब धरती पे धर्म लुटेगा ! और पाप का कर्म बढेगा !!
अवतारेंगे श्री भगवान ! पतित पावन दादी नाम !! (९)

Rani Sati Mangal path

अभिमन्यु, अर्जुन का लाल ! मंडराया जब उसका काल !!
कूदा रण में वह बलवान ! पतित पावन दादी नाम !! (१०)

चक्रव्यूअह की लड़ी लडाई ! वीर गति अभिमन्यु पाई !!
गया वीर वह तो सुरधाम ! पतित पावन दादी नाम !! (११)

उत्तरा, अभिमन्यु की नारी ! पति धर्म का सत था भारी !!
उस देवी को करो प्रणाम ! पतित पावन दादी नाम !! (१२)

देख पति परलोक सिधारे ! उत्तरा ने ये वचन उचारे !!
जीवन हुआ आज निष्प्राण ! पतित पावन दादी नाम !! (१३ )

जाऊ मै भी संग पति के ! खूब चढ़ा यह रंग मति पे !!
सत् से मै भी करूँ प्रयाण ! पतित पावन दादी नाम !! (१४)

देख नारी का हट आती भारी ! बोले प्रभु से सब नर नारी !!
करो समस्या का समाधान ! पतित पावन दादी नाम !! (१५)

प्रभु ने सबको यों समझाया ! छोड़ो सभी मोह और माया !!
होगा वही जो विधि विधान !पतित पावन दादी नाम !! (१६)

बोले फिर उत्तरा से जाय ! ऐसी घडी अभी नहीं आई !!
कर तू धर्म कर्म का ध्यान ! पतित पावन दादी नाम !! (१७ )

तू है गर्भवती एक नारी ! फिर कैसे ये बात विचारी !!
सोच ले क्या होगा अंजाम ! पतित पावन दादी नाम !! (१८)

अब ताजे जीवन पाप लगेगा ! कोख से तेरे निशाँ मिटेगा !!
नहीं है इसमें तेरी शान ! पतित पावन दादी नाम !! (१९)

कोख से जो बालक जन्मेगा ! नाम परीक्षित उसका होगा !!
बनेगा राजा बड़ा महान ! पतित पावन दादी नाम !! (२०)

बजेगी जग में उसकी भेरी ! सुन ले बात आज तू मेरी !!
होगा तेरा अमर निशाँ ! पतित पावन दादी नाम !! (२१)

बात सुन उत्तरा चकराई ! बोली प्रभु से मनं सकुचाई !!
तेरी लीला तेरे नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (२२)

प्रभुजी फिर दयाकर बोले ! थोडा सा मुस्का कर बोले !!
सुनलो अब तुम अमर ज्ञान ! पतित पावन दादी नाम !! (२३)

निराकार ने दे आकर ! किया सृष्टि का है श्रींगार !!
स्वयं रहता है अंतर्ध्यान ! पतित पावन दादी नाम !! (२४)

जो आया है वह जायेगा ! नहीं यहाँ पर रुक पायेगा !!
जड़ चेतन सब एक सामान ! पतित पावन दादी नाम !! (२५)

सत् की शक्ति तन मनं आई ! तब उसने यह व्यथा बताई !!
इच्छा होती बड़ी बलवान ! पतित पावन दादी नाम !! (२६)

जग को सत्य का भान कराऊँ ! सत् शक्ति पहचान बताऊँ !!
देवो अभिलाषा पर ध्यान ! पतित पावन दादी नाम !! (२७)

सत्य ही है सत् का आधार ! बोले जग के करुनाधार !!
इस से ही सब का कल्याण ! पतित पावन दादी नाम !! (२८)

जो अभिलाषा रही अधूरी ! होगी वह कलयुग में पूरी !!
देता तुझे आज वरदान ! पतित पावन दादी नाम !! (२९)

अभिमन्यु, तंधन दास बनेगा ! वश्य के घर में वह जन्मेगा !!
होगा नारायणी तेरा नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (३०)

युद्ध वहां पर होगा भारी ! जब तू सत् दिखलाना नारी !!
कर शत्रु का काम तमाम ! पतित पावन दादी नाम !! (३१)

शक्ति रूप वहां दिखलाना ! जग के सारे कसता मिटाना !!
पूजेंगे सब सुबह शाम ! पतित पावन दादी नाम !! (३२)

संवत तेरह सौ अडतीस ! प्रगति शक्ति कलयुग बीच !!
पूरण करने सत् अभियान ! पतित पावन दादी नाम !! (३३)

कार्तिक शुक्ल अस्थामी बीती ! आई नवमी की शुभ तिथि !!
मंगलवार जन्मी गुना खान ! पतित पावन दादी नाम !! (३४)

महम डोकवा जिला हिसार ! अग्रवाल घर लिया अवतार !!
बतलाने सत् की पहचान ! पतित पावन दादी नाम !! (३५)

सेठ गुर्समल था बड़ा नामी ! जन्मी उसके घर नरनी !!
माता का सुलोचना नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (३६)

बचपन से ही गजब वोह धाये ! होनहार के रंग दिखलाए !!
जल्दी पढ़ लिए वेड पुराण ! पतित पावन दादी नाम !! (३७)

राधा रुक्मण कृष्ण मुरारी ! त्रिमूर्ति संग बात विचारी !!
आज चले लेने इम्तिहान ! पतित पावन दादी नाम !! (३८)

झट साधू का वेश बनाया ! द्वारे आकर अलख जगाया !!
बोले जय जय सियाराम ! पतित पावन दादी नाम !! (३९)

माता ने की है अगुवाई ! चरणों में गिर धोक लगाई !!
स्वीकारो मेरा परनाम ! पतित पावन दादी नाम !! ( ४०)

बड़े भाग्य जो आये साईं ! बोली सेठानी मुस्काई !!
देखो बेटी के दिनमान ! पतित पावन दादी नाम !! (४१)

बेटी बड़े भाग्य जन्मी है ! बस इसमें तोह एक कमी है !!
सूनी होगी जल्दी मांग ! पतित पावन दादी नाम !! (४२)

सुनकर माँ को मोर्चा आई ! बेटी ने जब नैन मिली !!
झट से गई उन्हें पहचान ! पतित पावन दादी नाम !! (४३)

करती हूँ प्रणाम मै सबको ! असली रूप दिखावो मुझको !!
विनती सुनलो दया निधान ! पतित पावन दादी नाम !! (४४)

सबने अपना रूप दिखाया ! नारायणी ने आशीष पाया !!
हो गए फिर वोह अंतर्धान ! पतित पावन दादी नाम !! (४५)

अभिमन्यु जो वीर कहाए ! कलयुग में तंधन बन आये !!
जन्मे गाँव हिसार है नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (४६)

बंसल गोत्र में जनम लिया है ! और शक्ति का वरन किया है !!
धन्य किया है कुल का नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (४७)

माता शारदा, बहिना श्यामा ! अनुज है उनके कमलारामा !!
पिता श्री है जाली राम ! पतित पावन दादी नाम !! (४८)

मात-पिता की सेवा करते ! विपदा से वे कभी न डरते !!
थे वे वीर धीर गुणवान ! पतित पावन दादी नाम !! (४९)

था नवाब हिसार का झाद्चंद ! आई है जब उसको अड़चन !!
सोचे किसे बनाऊ दीवान ! पतित पावन दादी नाम !! (५०)

मंत्री गन ने उससे सुझाया ! जालिरामजी का नाम बताया !!
देवो उनको यह सन्मान ! पतित पावन दादी नाम !! (५१)

जलिरामजी को झट बुलवाया ! प्रेम सहित आदेश सुनाया !!
आप संभालो पद्द दीवान ! पतित पावन दादी नाम !! (५२)

विवाह योग्य जब हुई है बाई ! मात-पिता मन चिंता छाई !!
करदे अब तोह कन्यादान ! पतित पावन दादी नाम !! (५३)

लागे धुंडने वर उस लायक ! गुनी वीर सुन्दर सुखदायक !!
मिला नहीं हो रहे हैरान ! पतित पावन दादी नाम !! (५४)

बाई ने जब ध्यान लगाया ! प्रभु ने उसका ह्रदय जगाया !!
हुआ बोध पति तंधन नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (५५)

मात-पिता को जब यह बताया ! तंधन जी का लगन भिजवाया !!
आये पूरण कर सब काम ! पतित पावन दादी नाम !! (५६)

संवत तेरह सौ इक्यावन ! विवाह घडी जब आई पावन !!
गूंजा शेहनाई पर गान ! पतित पावन दादी नाम !!(५७)

मंगसिर बदी नौमी मंगलवार ! बनी नाराणी तंधन नार !!
आशीर्वाद दिया भगवान् ! पतित पावन दादी नाम !! (५८)

मात-पिता ने सीख बताई ! और बेटी को दी है विदाई !!
रखना हमेशा कुल का मान ! पतित पावन दादी नाम !! (५९)

बाई जब ससुराल पधारी ! देख के बतलाये नर नारी !!
आई देवी घर दीवान ! पतित पावन दादी नाम !! (६०)

झाद्चंद का बेटा शेह्जादा ! तंधन के संग खेलने जाता !!
दो शरीर पर एक थे प्राण ! पतित पावन दादी नाम !! (६१)

घोड़ी सुन्दर थी आती प्यारी ! तंधन जिस पर करे सवारी !!
वही निमित्त हुई वरदान ! पतित पावन दादी नाम !! (६२)

शेह्जादे का मनं ललचाया ! तंधन जिस पर करे सवारी !!
छोड़ दे तू घोड़ी का ध्यान ! पतित पावन दादी नाम !! (६३)

होनी ने जब रंग दिखलाया ! घोड़ी चुरून मनं भरमाया !!
गाया रात में वह नादान ! पतित पावन दादी नाम !! (६४)

जाग हुई जब भगा बेचारा ! तंधन ने तब भाला मारा !!
निकले शेह्जादे के प्राण ! पतित पावन दादी नाम !! (६५)

लाश देख सभी घबराए ! सीमा पार झुन्झ्नुं आये !!
रातों रात चले अविराम ! पतित पावन दादी नाम !! (६६)

दुःख हुआ झाद्चंद को भारी ! करें विलाप मात और नारी !!
सूनी हुई कोख और मांग ! पतित पावन दादी नाम !! (६७)

झाद्चंद कहे सुनो दरबारी ! कार्लो बदले की तेयारी !!
सभी रखो तंधन का ध्यान ! पतित पावन दादी नाम !! (६८)

गौने का जब दिन है आया ! तंधन को ससुराल पाठ्य !!
संग भेजा राणा बलवान ! पतित पावन दादी नाम !! (६९)

कर गौना जब हुई है विदाई ! अपशाक्गुनो की बाढ़ सी आई !!
चले बोलते जय जय राम ! पतित पावन दादी नाम !! (७०)

गुप्तचरों ने खबर सुनाई ! झाद्चंद ने फौजें भिजवाई !!
करो तंधन का काम तमाम ! पतित पावन दादी नाम !! (७१)

जंगल बीच हुई है लड़ाई ! तंधन ने वीरता दिखाई !!
मारे शत्रु के बहुत जवान ! पतित पावन दादी नाम !! (७२)

पीछे से वार किया दुश्मन ने ! वीरगति पाई तंधन ने !!
हुआ अमर उनका बलिदान ! पतित पावन दादी नाम !! (७३)

नारायणी ने जब यह देखा ! चढ़ा जोश तब उससे अनोखा !!
कुदी रण में भृकुटी तान ! पतित पावन दादी नाम !! (७४)

हाथों में तलवार है चमकी ! और साथ में चुदियाँ खनकी !!
बोली मिटाऊं तेरा नामो निशाँ ! पतित पावन दादी नाम !! (७५)

रणचंडी जब रूप दिखाया ! दुश्मन ने तब होश गंवाया !!
देख रूप विकराल महान ! पतित पावन दादी नाम !! (७६)

कर दुश्मन का साफ़ सफाया ! राणा को आदेश सुनाया !!
अब हम चलते अपने धाम ! पतित पावन दादी नाम !! (७७)

वह संवत तेरह सौ बावन ! जब यह धरती हुई है पावन !!
लहराया ध्वज सत् का आन ! पतित पावन दादी नाम !! (७८)

मंगसिर बदी नौमी मंगलवार ! सत् चदा है अपरम्पार !!
शक्ति का किया आवहान ! पतित पावन दादी नाम !! (७९)

मुख मंडल पर तेज है दमके ! जैसे नभ में बिजली चमके !!
छाई होटों पर मुस्कान ! पतित पावन दादी नाम !! (८०)

अग्नि सत् से स्वयं प्रकति ! शक्ति ने सत् की ज्योत दिखाई !!
चमके धरती और आसमान ! पतित पावन दादी नाम !! (८१)

पञ्च तत्त्व देह हुआ विलीन ! शक्ति हुई शक्ति में लीन !!
शेष भस्मी अवशेष सामान ! पतित पावन दादी नाम !! (८२)

दृश्य देख राणा चकराया ! झट दुर्गा का रूप दिखाया !!
कर रही वर्षा पुष्प विमान ! पतित पावन दादी नाम !! (८३)

बाएं कर त्रिशूल है चमके ! दायें में स्वस्तिक भी दमके !!
आभा मुख मंडल की महान ! पतित पावन दादी नाम !! (८४)

धन्य हुआ राणा का जीवन ! बोला विनती कर मनं ही मनं !!
जय भवानी जय दुर्गा नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (८५)

राणा ने प्रणाम किया है ! माँ ने आशीवाद दिया है !!
संग मेरे पुजेगा तेरा नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (८६)

भस्मी कलश ले झुंझुन आया ! घोडा रुका वहीँ पे लगाया !!
समाधी मंदिर है आलिशान ! पतित पावन दादी नाम !! (८७)

बरस सात सौ की यह दादी ! हो गई दादी की पढ़दादी !!
अमर रहेगा इसका नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (८८)

जनम-मरण और पारण दादी का ! वार मंगल और नौमी तिथि का !!
संगम और संयोग महान ! पतित पावन दादी नाम !! (८९)

नौ का अंक पूरण कहलाता ! मंगल भी मंगल का दाता !!
दादी पूरण शक्ति निधान ! पतित पावन दादी नाम !! (९०)

हुई नारायणी जग में विख्यात ! बनकर दादी रानिशक्ति मात !!
पूजे माँ को सारा जहां ! पतित पावन दादी नाम !! (९१)

माँ दुर्गा की है अवतार ! कोई ना पावे इसका पार !!
युग-युग में अवतारी नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (९२)

लक्ष्मी शारदा उमा काली ! वैष्णवी कलि में झुंझुनू वाली !!
सब पर्यायवाची इसके नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (९३)

शक्ति की जो बात है मूल ! वाही दादी निशाँ त्रिशूल !!
है इसका स्पष्ट प्रमाण ! पतित पावन दादी नाम !! (९४)

देख शक्ति का धाम निराला ! सब देवों ने देरा डाला !!
सुर संगम है दादी धाम ! पतित पावन दादी नाम !! (९५)

पित्तर देव सब यहाँ बिराजे ! बैठे शिव दरबार लगाके !!
हनुमत कंधे लक्ष्मण राम ! पतित पावन दादी नाम !! (९६)

शोषण शक्ति नव दुर्गाये ! त्रिमूर्ति नवग्रह मुस्काए !!
सब दिगपाल संभाले काम ! पतित पावन दादी नाम !! (९७)

कुल-देवी दादी महारानी ! नहीं है इसका कोई सानी !!
करती कली में माँ कल्याण ! पतित पावन दादी नाम !! (९८)

दादी की जग में है ख्याति ! संग में बहिनों को पुज्वाती !!
तंधन पित्तर शक्तिमान ! पतित पावन दादी नाम !! (९९)

जो भी मनं से पूजे इसको ! दादी दर्शन देती उसको !!
जात पात का नहीं है काम ! पतित पावन दादी नाम !! (१००)

रोली मोली महेंदी चावल ! धुप पुष्प दीपक और श्रीफल !!
पूजा का इनसे ही विधान ! पतित पावन दादी नाम !! (१०१)

चूड़ा चुनड भेंट चादावे ! बहिन बेटी के काम वो आवें !!
रखती दादी सबका मान ! पतित पावन दादी नाम !! (१०२)

माँ, दादी सब शक्ति के रूप ! नारी स्वयं भी शक्ति स्वरुप !!
शक्ति पूजा नारी सम्मान ! पतित पावन दादी नाम !! (१०३)

जितनी भी शक्तियां है कलि में ! राणीशक्ति सिर मोर सभी में !!
इस शक्ति को करो प्रणाम ! पतित पावन दादी नाम !! (१०४)

महिमा दादी की आती भारी ! मंगल भवन अमंगल हारी !!
गुण गावे सब वेद पुराण ! पतित पावन दादी नाम !! (१०५)

यहाँ मंगल मनका पुष्पोहार ! करदे तुझको भाव से पार !!
कर अर्पण दादी के नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (१०६)

पाठ करें जो मंगल मनका ! कष्ट हरे माँ उसके तनका !!
पुरें हो उसके अरमान ! पतित पावन दादी नाम !! (१०७)

श्री कृष्ण ने लीला गई ! दयाकर सुनले मेरी माई !!
भूलूँ नहीं मै तेरा नाम ! पतित पावन दादी नाम !! (१०८)

मंगल माला पूरी हुई , मनका एक सौ आठ !!
मनोकामना पूर्ण हो , नित्य करे जो पाठ !!

|| जय दादी की || || जय दादी की ||
|| जय दादी की || || जय दादी की ||
|| जय दादी की || || जय दादी की ||
|| जय दादी की || || जय दादी की ||

|| मंगल भवन अमंगल हारी , दादीजी थारो नाम बड़ो सुखारी ||
|| प्रेम से बोलो जय दादी की ||

Rani Sati Dadi

Sri Dadiji Mangal Manka 108

Jaya Ambe Jaya Durge Maat l Jaya Narani Jaya Tandhan Daas ll
Jaya Dadi Jaya Shakti Naam l Patit Paavan Dadi Naam ll

ll Manka ll

Deen heen ka dukh harne ko l Jana gana me mangal karne ko ll
Shakti prakati Jhunjhnun Dhaam l Patit paavan Dadi Naam ll 1 ll

Yaha Shakti hai Maa Jagdamba l Yahi Bhavani Durge Amba ll
Narayani hai iska naam l Patit paavan Dadi Naam ll 2 ll

Peedhi dar peedhi ka rishta l Tabhi Dadi naam hai iska ll
Kuldevi ko karo pranaam l Patit paavan Dadi Naam ll 3 ll

Hai amogh Dadi ki Shakti l Sadiyon se karte sab bhakti ll
Pujte hain Trishul nishaan l Patit paavan Dadi Naam ll 4 ll

Maa Shakti ka Alakh jagaun l Dadi Maa ki baat bataun ll
Hai swayam Shakti Durga mahan l Patit paavan Dadi Naam ll 5 ll

Jaanat hai sabhi nar naari l Yudh hua Mahabharat bhaari ll
Tha woh dharm karm sangraam l Patit paavan Dadi Naam ll 6 ll

Kaurav, Paandav hui ladaai l Leela Prabhu ne ajab dikhai ll
Bane saarthi swayam Bhagwaan l Patit paavan Dadi Naam ll 7 ll

Geeta me updesh dia hai l Jag ko yeh sandesh dia hai ll
Karm karo taj fal ka dhyan l Patit paavan Dadi Naam ll 8 ll

Jab jab dharti par dharm lutega l Aur paap ka karm badhega ll
Avtarenge Sri Bhagwaan l Patit paavan Dadi Naam ll 9 ll

Abhimanyu Arjun ka laal l Mandraya Jab uska kaal ll
Kuda ran me wah balwaan l Patit paavan Dadi Naam ll 10 ll

Chakravyuh ki ladi ladai l Veer gati Abhimanyu pai ll
Gaya Veer Wah toh Surdhaam l Patit paavan Dadi Naam ll 11 ll

Uttara, Abhimanyu ki Naari l Pati Dharm ka Sat tha bhaari ll
Uss Devi ko karo pranaam ll Patit paavan Dadi Naam ll 12 ll

Dekh Pati parlok sidhare l Uttara ne yon vachan uchare ll
Jeevan hua aaj nishpraan l Patit paavan Dadi Naam ll 13 ll

Jaun me bhi sang Pati ke l Khuub chadha yeh rang mati pe ll
Satt se me bhi karun prayaan l Patit paavan Dadi Naam ll 14 ll

Dekh Naari ka hatt atee bhaari l Bole Prabhi se sab nar naari ll
Karo samasya ka samadhaan l Patit paavan Dadi Naam ll 15 ll

Prabhi ne sabko yon samjhaya l Choddo sabhi moh aur maaya ll
Hoga wahi jo vidhi vidhaan l Patit paavan Dadi Naam ll 16 ll

Bole fir se Uttara se jaai l Aisi ghadi abhi nahi aai ll
Kar Tu dharm karm ka dhyan l Patit paavan Dadi Naam ll 17 ll

Tu hai garbhvati ek naari l Fir kaise yeh baat vichari ll
Soch le kya hoga anjaam l Patit paavan Dadi Naam ll 18 ll

Ab taje jeevan paap lagega l Kokh se Tere nishaan mitega ll
Nahi hai isme teri shaan l Patit paavan Dadi Naam ll 19 ll

Kokh se jo baalak janmega l Naam Parikshit uska hoga ll
Banega Raaja bada mahaan l Patit paavan Dadi Naam ll 20 ll

Bajegi Jag me uski bheri l Sun le baat aaj Tu Meri ll
Hoga Tera amar nishaan l Patit paavan Dadi Naam ll 21 ll

Baat suni Uttara chakrai l Boli Prabhu se mann sakuchai ll
Teri leela Tere naam l Patit paavan Dadi Naam ll 22 ll

Prabhuji fir dayakar bole l Thoda sa muskaa kar bole ll
Sunlo ab Tum amar gyaan l Patit paavan Dadi Naam ll 23 ll

Niraakaar ne de aakar l Kiya srishti ka hai sringaar ll
Swayam rehta hai antardhyaan l Patit paavan Dadi Naam ll 24 ll

Jo aaya hai wah jayega l Nahin yahan par ruk paayega ll
Jad chetan sab ek samaan l Patit paavan Dadi Naam ll 25 ll

Satt ki shakti tan mann aai l Tab usne yeh vyatha batai ll
Ichchha hoti badi balwaan l Patit paavan Dadi Naam ll 26 ll

Jag ko satya ka bhaan karaun l Satt Shakti pehchaan bataun ll
Devo abhilaasha par dhyaan l Patit paavan Dadi Naam ll 27 ll

Satya hi hai satt ka adhaar l Bole jag ke Karnadhaar ll
Iss se hi sab ka kalyaan l Patit paavan Dadi Naam ll 28 ll

Jo abhilaasha rahi adhuri l Hogi wah kalyug me puri ll
Deta Tujhe aaj vardaan l Patit paavan Dadi Naam ll 29 ll

Abhimanyu, Tandhan daas banega l Vashya ke ghar me wah janmega ll
Hoga Narayani Tera naam l Patit paavan Dadi Naam ll 30 ll

Yuddh wahan par hoga bhaari l Jab Tu satt dikhlana naari ll
Kar shatru ka kaam tamam l Patit paavan Dadi Naam ll 31 ll

Shakti roop wahan dikhlana l
Jag ke saare kasta mitana ll
Pujenge sab subah shaam l
Patit paavan Dadi Naam ll 32 ll

Samvat terah sau adtees l Pragati Shakti kalyug beech ll
Puran karne Satt abhiyaan l Patit paavan Dadi Naam ll 33 ll

Kartik shukla asthami beeti l Aai navmi ki shubh teethi ll
Mangalvaar janmi guna khaan l Patit paavan Dadi Naam ll 34 ll

Maham Dokva jeela hisaar l Agrawal ghar lia avtaar ll
Batlaane Satt ki pehchaan l Patit paavan Dadi Naam ll 35 ll

Seth Gursamal tha bada naami l Janmi uske ghar Narani ll
Maata ka Sulochana naam l Patit paavan Dadi Naam ll 36 ll

Bachpan se hi gajab woh dhaaye l Honhaar ke rang dikhlaaye ll
Jaldi padh liye ved puraan l Patit paavan Dadi Naam ll 37 ll

Radha Rukman Krsna Murari l Trimurti sang baat vichari ll
Aaj chale lene imtihaan l Patit paavan Dadi Naam ll 38 ll

Jhatt sadhu ka vesh banaya l Dware aakar alakh jagaya ll
Bole Jai Jai Siyaram l Patit paavan Dadi Naam ll 39 ll

Maata ne ki hai aguvaai l Charnon me gir dhok lagai ll
Sweekaro Mera parnaam l Patit paavan Dadi Naam ll 40 ll

Badde bhagya jo aaye Sayeen l Boli Sethani muskaai ll
Dekho beti ke dinmaan l Patit paavan Dadi Naam ll 41 ll

Beti badde bhagya janmi hai l Bas isme toh ek kamee hai ll
Sooni hogi jaldi maang l Patit paavan Dadi Naam ll 42 ll

Sunkar Maa ko murcha aai l Beti ne jab nain milai ll
Jhatt se gai unhe pehchaan l Patit paavan Dadi Naam ll 43 ll

Karti hun pranaam Me sabko l Asli roop dikhavo mujhko ll
Vinti sunlo daya nidhaan l Patit paavan Dadi Naam ll 44 ll

Sabne apna roop dikhaya l Narayani ne aashish paaya ll
Ho gaye fir Woh antardhaan l Patit paavan Dadi Naam ll 45 ll

Abhimanyu jo veer kahaye l Kalyug me Tandhan ban aaye ll
Janme gaanv Hisaar hai naam l Patit paavan Dadi Naam ll 46 ll

Bansal gotra me janam lia hai l Aur shakti ka varan kia hai ll
Dhanya kia hai kul ka naam l Patit paavan Dadi Naam ll 47 ll

Maata Sharda, Bahina Shyaama l Anuj hai unke Kamlaraama ll
Pita Sri hai Jaalirama l Patit paavan Dadi Naam ll 48 ll

Maat-Pitah ki seva karte l Vipda se Wah kabhi na darte ll
The Ve Veer dheer gunvaan l Patit paavan Dadi Naam ll 49 ll

Tha nawab Hisaar ka Jhadchand l Aai hai jab usko adchan ll
Soche kisse banau deewan l Patit paavan Dadi Naam ll 50 ll

Mantri gan ne usse sujhaya l Jaaliramji ka naam bataya ll
Devo unko yah sanman l Patit paavan Dadi Naam ll 51 ll

Jalraamji ko jhatt bulvaya l Prem sahit aadesh sunaya ll
Aap sambhalo padd deewan l Patit paavan Dadi Naam ll 52 ll

Vivaah yogya jab hui hai Baai l Maat-Pitah man chinta chaai ll
Karde ab toh kanyadan l Patit paavan Dadi Naam ll 53 ll

Lagge dhundhne var uss layak l Guni veer sundar sukhdayak ll
Mila nahin ho rahe hairaan l Patit paavan Dadi Naam ll 54 ll

Bai ne jab dhyan lagaya l Prabhu ne uska hriday jagaya ll
Hua bodh Pati Tandhan naam l Patit paavan Dadi Naam ll 55 ll

Maat-Pitah ko jab yah bataya l Tandhan ji ka lagan bhijvaya ll
Aaye puran kar sab kaam l Patit paavan Dadi Naam ll 56 ll

Samvat terah sau ikyavan l Vivah ghadi jab aai paavan ll
Gunja shehnai par gaan l Patit paavan Dadi Naam ll 57 ll

Mangsir badi Naumi Mangalvaar l Bani Narani Tandhan Naar ll
Ashirwaad dia Bhagwaan l Patit paavan Dadi Naam ll 58 ll

Maat-Pitah ne seekh batai l Aur beti ko di hai vidaai ll
Rakhna hamesha kul ka maan l Patit paavan Dadi Naam ll 59 ll

Bai jab sasuraal padhari l Dekh ke batlaye nar naari ll
Aai Devi ghar Deewan l Patit paavan Dadi Naam ll 60 ll

Jhadchand ka beta shehzaada l Tandhan ke sang khelne jaata ll
Do shareer par ek the praan l Patit paavan Dadi Naam ll 61 ll

Ghodi sundar thi atee pyaari l Tandhan jis par kare sawari ll
Wahi nimitt hui vardaan l Patit paavan Dadi Naam ll 62 ll

Shehzaade ka mann lalchaaya l Tandhan ne usko samjhaya ll
Chodd de tu ghodi ka dhyan l Patit paavan Dadi Naam ll 63 ll

Honee ne jab rang dikhlaya l Ghodi churaun mann bharmaaya ll
Gaya raat me wah naadan l Patit paavan Dadi Naam ll 64 ll

Jaag hui jab bhaga becharaa l Tandhan ne tab bhaala maara ll
Nikle shehzaade ke praan l Patit paavan Dadi Naam ll 65 ll

Laash dekh sabhi ghabraaye l Seema paar Jhunjhnun aaye ll
Raaton raat chale aviraam l Patit paavan Dadi Naam ll 66 ll

Dukh hua Jhadchand ko bhaari l Karen vilaap Maat aur Naari ll
Sooni hui kokh aur maang l Patit paavan Dadi Naam ll 67 ll

Jhadchand kahe suno darbaari l Karlo badle ki tayyari ll
Sabhi rakho Tandhan ka dhyan l Patit paavan Dadi Naam ll 68 ll

Gaune ka jab din hai aaya l Tandhan ko sasuraal pathaya ll
Sang bheja Raana balwaan l Patit paavan Dadi Naam ll 69 ll

Kar gauna jab hui hai vidaai l Apshakuno ki baadh si aai ll
Chale bolte Jai Jai Raam l Patit paavan Dadi Naam ll 70 ll

Guptcharon ne khabar sunai l Jhadchand ne faujen bhijvai ll
Karo Tandhan ka kaam tamam l Patit paavan Dadi Naam ll 71 ll

Jangal beech hui hai ladaai l Tandhan ne Veerta dikhai ll
Maare shatru ke bahut jawaan l Patit paavan Dadi Naam ll 72 ll

Peeche se vaar kia dushman ne l Veergati paai Tandhan ne ll
Hua amar Unka balidaan l Patit paavan Dadi Naam ll 73 ll

Narayani ne jab yah dekha l Chadha josh tab usse anokha ll
Kudi rann me bhrikuti taan l Patit paavan Dadi Naam ll 74 ll

Hathon me talwaar hai chamki l Aur saath me chudiyan khanki ll
Boli mitaun tera naamo nishaan l Patit paavan Dadi Naam ll 75 ll

Ranchandi jab roop dikhaya l Dushman ne tab hosh ganvaya ll
Dekh roop vikraal mahaan l Patit paavan Dadi Naam ll 76 ll

Kar dushman ka saaf safaya l Rana ko aadesh sunaya ll
Ab hum chalte apne dhaam l Patit paavan Dadi Naam ll 77 ll

Vah samvat terah sau baavan l Jab yah dharti hui hai paavan ll
Lahraaya dhvaj satt ka aan l Patit paavan Dadi Naam ll 78 ll

Mangsir badi Naumi Mangalvaar l Satt chada hai aprampaar ll
Shakti ka kia aavahaan l Patit paavan Dadi Naam ll 79 ll

Mukh mandal par tej hai damke l Jaise nabh me bijli chamke ll
Chaai hoton par muskaan l Patit paavan Dadi Naam ll 80 ll

Agni Satt se swayam praktai l Shakti ne satt ki jyot dikhai ll
Chamke Dharti aur aasman l Patit paavan Dadi Naam ll 81 ll

Panch tatva deh hua veelen l Shakti hui Shakti me leen ll
Shesh bhasmi avshesh samaan l Patit paavan Dadi Naam ll 82 ll

Drishya dekh Raana chakraaya l Jhatt Durga ka roop dikhaya ll
Kar rahe varsha pusp vimaan l Patit paavan Dadi Naam ll 83 ll

Baayen kar trishul hai chamke l Daayen me swastik bhi damke ll
Aabha mukh mandal ki mahaan l Patit paavan Dadi Naam ll 84 ll

Dhanya hua Raana ka jeevan l Bola vintee ka mann hi mann ll
Jaya Bhavani Jaya Durga naam l Patit paavan Dadi Naam ll 85 ll

Raana ne pranaam kia hai l Maa ne aashiwaad dia hai ll
Sang Mere pujega Tera naam l Patit paavan Dadi Naam ll 86 ll

Bhasmi kalash le Jhunjhnun aaya l Ghoda ruka wahin pe lagaya ll
Samadhi Mandir hai aalishaan l Patit paavan Dadi Naam ll 87 ll

Baras saat sau ki Yah Daadi l Ho gai Dadi ki Pad-dadi ll
Amar rahega Iska naam l Patit paavan Dadi Naam ll 88 ll

Janam-maran aur paran Dadi ka l Vaar Mangal aur naumi teethi ka ll
Sangam aur sanyog mahaan l Patit paavan Dadi Naam ll 89 ll

Nau ka ank puran kehlaata l Mangal bhi mangl ka daata ll
Dadi puran Shakti nidhaan l Patit paavan Dadi Naam ll 90 ll

Hui Narayani jag me vikhyat l Bankar Dadi Ranishakti Maat ll
Puje Maa ko saara jahaan l Patit paavan Dadi Naam ll 91 ll

Maa Durga ki hai avtaar l Koi na paave iska paar ll
Yug-yug me avtaari naam l Patit paavan Dadi Naam ll 92 ll

Lakshmi Sharda Uma Kaali l Vaishnavi Kali me Jhunhnun wali ll
Sab paryayvachi iske naam l Patit paavan Dadi Naam ll 93 ll

Shakti ki jo baat hai mool l Vahi Dadi nishaan Trishul ll
Hai iska spashta pramaan l Patit paavan Dadi Naam ll 94 ll

Dekh Shakti ka dhaam niraala lSab Devon ne dera daala ll
Sur sangam hai Dadi dhaam l Patit paavan Dadi Naam ll 95 ll

Pittar Dev sab yahan biraje l Baithe Shiv darbaar lagake ll
Hanumat Kandhe Lakshman Raam l Patit paavan Dadi Naam ll 96 ll

Sodhash Shakti Nav Durgaye l Trimurti Navgrah muskaye ll
Sab Digpaal sambhale kaam l Patit paavan Dadi Naam ll 97 ll

Kul-devi Dadi Maharani l Nahin hai ika koi saani ll
Karti kali me Maa Kalyaan l Patit paavan Dadi Naam ll 98 ll

Dadi ki jag me hai khyati l Sang me bahino ko pujvati ll
Tandhan Pittar Shaktimaan l Patit paavan Dadi Naam ll 99 ll

Jo bhi mann se puje Isko l Dadi darshan deti usko ll
Jaat paant ka nahin hai kaam l Patit paavan Dadi Naam ll 100 ll

Roli mauli mhendi chaaval l Dhoop Pushp Deepak aur Sriphal ll
Puja ka inse hi vidhaan l Patit paavan Dadi Naam ll 101 ll

Chooda chunnad bhenth chadave l Bahin beti ke kaam wo aaven ll
Rakhti Dadi sabka maan l Patit paavan Dadi Naam ll 102 ll

Maa, Dadi sab Shakti ke roop l Nari Swayam bhi Shakti swaroop ll
Shakti Puja Naari Samman l Patit paavan Dadi Naam ll 103 ll

Jitni bhi Shaktiyan hai Kali me l Ranishakti sir mor sabhi me ll
Iss Shakti ko karo pranaam l Patit paavan Dadi Naam ll 104 ll

Mahima Dadi ki atee bharee l Mangal bhavan amangal haaree ll
Gun gaave sab Ved Puran l Patit paavan Dadi Naam ll 105 ll

Yaha Mangal Manka Pushpohaar l Karde Tujhko bhav se paar ll
Kar arpan Dadi ke naam l Patit paavan Dadi Naam ll 106 ll

Paath karen jo Mangal Manka l Kashta hare Maa uske tanka ll
Puren ho uske armaan ll Patit paavan Dadi Naam ll 107 ll

“Sri Krsna” ne leela gaai l “Dayakar” sunle meri Maai ll
Bhuloon nahi me Tera naam l Patit paavan Dadi Naam ll 108 ll

Mangal Maala Poori hui l Manka Ek Sau Aath ll
Manokaamna purna ho l Nitya kare jo paath ll

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